
वॉटरप्रूफ हैलोजन इन्फ्रारेड लैंप: सेमीकंडक्टर धोने की प्रक्रिया में कार्बन कम करने हेतु
सेमीकंडक्टर धोने की प्रक्रिया में ऊष्मा आवश्यक है… और वह भी तुरंत। लेकिन पूरे कमरे को गर्म करने हेतु ऊर्जा बर्बाद करना उचित नहीं है। हमने ऐसे ही उद्देश्य हेतु वॉटरप्रूफ इन्फ्रारेड लैंप बनाए हैं… जहाँ विश्वसनीयता एवं कार्बन कम करना ही मुख्य उद्देश्य है। इन लैंपों का उद्देश्य तुरंत ऊष्मा प्रदान करना है… ताकि वहाँ का तापमान नियंत्रित रहे, एवं ऊर्जा की बचत हो।
तकनीकी विवरण:
इन लैंपों में शॉर्ट-वेव हैलोजन तत्वों का उपयोग किया गया है… जो सीधे सब्सट्रेट की सतह पर उच्च-तीव्रता वाली ऊष्मा प्रदान करते हैं। इससे हवा में ऊष्मा बर्बाद नहीं होती… एवं फैक्ट्री के HVAC सिस्टम पर भी कम भार पड़ता है।
यह सिस्टम 400V वोल्टेज पर काम करता है… जिससे अधिक ऊर्जा प्राप्त होती है, लेकिन करंट कम रहता है। इससे छोटे वायरिंग सिस्टम, कम कॉपर नुकसान, एवं सीमित जगह में भी इन लैंपों का उपयोग संभव हो जाता है। 300 मिमी लंबाई वाले इन लैंपों से ऊष्मा केवल एक छोटे क्षेत्र में ही केंद्रित होती है… जिससे धोने/सुखाने की प्रक्रिया आसान हो जाती है।
सामग्री एवं डिज़ाइन:
इन लैंपों में हैलोजन तत्वों को क्वार्ट्ज कवर में रखा गया है… जिससे तापमान में अचानक परिवर्तन होने पर भी लैंप कार्य करता रहता है… एवं इसमें कोई धुंध नहीं बनती। वॉटरप्रूफ कोटिंग एवं सील्ड टर्मिनेशन ब्लॉक के कारण नमी भी अंदर नहीं जा पाती… यहाँ तक कि सीधे पानी के संपर्क में भी।
R7s कनेक्टर, तापमान में परिवर्तन होने पर भी स्थिर रहता है… एवं हैलोजन गैस फिलामेंट की रक्षा करती है… जिससे लैंप लंबे समय तक कार्य करता रहता है। हजारों चक्रों तक भी इन लैंपों का प्रदर्शन स्थिर रहता है।
लेकिन एक नुकसान यह है कि 400V एवं 2500W वोल्टेज के कारण इन लैंपों हेतु उचित शीतलन एवं विद्युत व्यवस्था आवश्यक है। यदि आप हरित कारखाना बनाना चाहते हैं, तो ये लैंप कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद करते हैं… बिना कारखाने की उत्पादकता पर कोई प्रभाव डाले।